Project SAKSHAM: आपने कभी सोचा है कि एक छोटे से गाँव का युवा या एक किसान जो खुद को संघर्षों में घिरा महसूस करता है, उसे अगर सही दिशा और अवसर मिले तो वह अपनी जिंदगी को कैसे बदल सकता है? अब ऐसे बदलाव की शुरुआत हो रही है, और यह बदलाव लाई है Project SAKSHAM, जिसे Hindustan Urvarak & Rasayan Limited (HURL) और National Skill Development Corporation (NSDC) ने मिलकर शुरू किया है। यह पहल बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के उन ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए है, जिन्हें आज भी रोजगार की कमी का सामना करना पड़ता है।
Project SAKSHAM सपनों को हकीकत बनाने का समय आ गया है
Project SAKSHAM का मुख्य उद्देश्य उन ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और छोटे किसानों को प्रशिक्षित करना है, जिनके पास हुनर तो है, लेकिन सही मार्गदर्शन और अवसर की कमी है। यह पहल खासकर गोरेखपुर (उत्तर प्रदेश), बेगूसराय (बिहार), और धनबाद (झारखंड) के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए है, जहां लोग रोज़ाना की चुनौतियों से जूझते हुए भी अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने का सपना देखते हैं।
कभी आपने सोचा है कि कैसे एक महिला जो घर के काम में व्यस्त रहती है, अगर उसे खुद का एक व्यवसाय चलाने का मौका मिले तो उसकी ज़िंदगी कैसे बदल सकती है? इसी तरह, एक युवा जो अपनी पढ़ाई के बाद भी नौकरी के लिए संघर्ष कर रहा है, अगर उसे सही कौशल मिल जाए, तो वह न केवल खुद के लिए रोजगार पा सकता है, बल्कि अपने परिवार के लिए भी एक बेहतर भविष्य बना सकता है। यही है Project SAKSHAM का उद्देश्य — इस बदलाव की शुरुआत करना और ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाना।
Project SAKSHAM कौशल से सशक्त समाज की ओर
Project SAKSHAM इस परियोजना के तहत ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें। यह कार्यक्रम ग्रामीणों को कौशल सिखाने के लिए खास रूप से तैयार किया गया है, जिसमें शामिल हैं:
बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा (BFSI): जहां उन्हें नए अवसरों से जुड़ने की दिशा मिलेगी।
खुदरा व्यापार: व्यापार की दुनिया में अपने कदम रखने का मौका।
इलेक्ट्रॉनिक्स और IT-ITeS: डिजिटल दुनिया में रोजगार के अवसर।
कृषि और खाद्य प्रसंस्करण: कृषि को एक व्यवसाय के रूप में अपनाने की दिशा।
प्रतिस्पर्धी परीक्षा की तैयारी: नौकरी के अवसरों को बढ़ाने के लिए।
बेसिक कंप्यूटर शिक्षा: जिनसे उनकी कामकाजी दुनिया में निपुणता बढ़ेगी।
यह पहल सिर्फ एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह उन लोगों के लिए एक नई शुरुआत है जो अब तक कई कारणों से अपने सपनों को पूरा नहीं कर पा रहे थे।
Project SAKSHAM एक नए भारत की ओर: आत्मनिर्भर बनने की यात्रा
HURL के प्रबंध निदेशक डॉ. एस.पी. मोहंती ने इस पहल के बारे में कहा, “यह सिर्फ एक कौशल विकास परियोजना नहीं है। यह ग्रामीण महिलाओं और युवाओं के लिए एक मिशन है, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनने के रास्ते पर आगे बढ़ाएगा। हम NSDC के साथ मिलकर एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में काम कर रहे हैं।”
यह पहल न केवल रोजगार के अवसर प्रदान करेगी, बल्कि उन लोगों को सशक्त भी बनाएगी जो लंबे समय से अपने हालातों से जूझते हुए खुद को बाहर निकालने का रास्ता खोज रहे थे। जब ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं और युवक आत्मनिर्भर बनेंगे, तो न केवल उनकी जिंदगी बदलेंगी, बल्कि समाज में एक नई उम्मीद भी जागेगी।
Project SAKSHAM समाज में बदलाव लाने की ताकत
Project SAKSHAM के अंतर्गत प्रशिक्षित होने के बाद, इन युवाओं और महिलाओं को न सिर्फ रोजगार मिलेगा, बल्कि वे अपनी छोटी-बड़ी पहल शुरू करने में सक्षम होंगे। यह न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि समाज के लिए भी एक उम्मीद की किरण बनेगा। जब इन लोगों को बेहतर अवसर मिलेगा, तो वे अपने समाज में बदलाव लाने में मदद कर सकेंगे।
किसी भी छोटे गाँव की महिला या युवक को अब खुद को सक्षम महसूस करने के लिए किसी और का मोहताज नहीं रहना होगा। यह पहल उन्हें न सिर्फ आत्मविश्वास देगी, बल्कि एक बेहतर भविष्य की ओर ले जाएगी।
अगर हम चाहते हैं कि हमारा देश सशक्त हो, तो हमें उन लोगों की मदद करनी होगी, जो दूर-दराज के इलाकों में रहकर अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। Project SAKSHAM एक ऐसा कदम है, जो उन्हें वह शक्ति देगा जो उनके सपनों को सच करने के लिए जरूरी है। अब वह दिन दूर नहीं, जब ग्रामीण महिलाएं और युवक अपने हुनर से ना केवल अपने परिवार, बल्कि समाज को भी प्रगति की ओर ले जाएंगे।
Also more: SSC Exam 2025: परीक्षा में शामिल होने से पहले ये जरूरी बातें जानना न भूलें
Disclaimer: यह लेख पूरी तरह से जानकारी पर आधारित है और इसका उद्देश्य किसी भी संस्था या व्यक्ति का प्रचार-प्रसार नहीं है। जानकारी के स्रोत के रूप में HURL और NSDC की आधिकारिक सूचनाओं का संदर्भ लिया गया है।








