योगी आदित्यनाथ ने किया शुभारंभ: जीवन में सबसे बड़ी खुशी तब होती है जब कोई बच्चा हंसता और खेलता है। लेकिन हर बच्चे को जन्म के साथ ही स्वस्थ हृदय नहीं मिलता। कई छोटे-छोटे मासूम जन्मजात हृदय रोग से जूझते हैं और उनका इलाज आसान नहीं होता। ऐसे ही नन्हें जीवन को नई सांस और नए सपनों का सहारा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ से एक बेहद सराहनीय पहल की शुरुआत की।
लखनऊ से शुरू हुई नई उम्मीद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास से संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) के सीवीटीएस विभाग में सलोनी हार्ट फाउंडेशन के तकनीकी सहयोग से संचालित सलोनी हार्ट सेंटर में बच्चों की जन्मजात हृदय बीमारियों के उपचार के लिए ‘एसबीआई फाउंडेशन आईसीयू प्रोजेक्ट’ का शुभारंभ किया।
इस परियोजना का उद्देश्य है— उन मासूम बच्चों तक आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना, जिनके परिवार महंगे इलाज का खर्च नहीं उठा पाते। अब इन बच्चों को अत्याधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में जीवन का नया अवसर मिलेगा।
एसबीआई फाउंडेशन का बड़ा सहयोग
इस मौके पर एसबीआई फाउंडेशन ने लगभग ₹10 करोड़ की राशि सलोनी हार्ट सेंटर को प्रदान की। यह सहयोग न केवल आधुनिक उपकरणों की स्थापना में मदद करेगा, बल्कि बच्चों की बेहतर देखभाल के लिए आईसीयू और आवश्यक संसाधनों को भी सुदृढ़ बनाएगा।
सराहना और सम्मान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर सलोनी हार्ट फाउंडेशन के संचालक दम्पती—श्रीमती मिली सेठ और श्री हिमांशु सेठ के अथक प्रयासों की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जिस तरह से यह दंपति बच्चों की जिंदगी बचाने में लगातार कार्यरत है, वह समाज के लिए प्रेरणा है। साथ ही, मुख्यमंत्री ने एसबीआई फाउंडेशन की इस मानवीय पहल को भी सराहा और कहा कि ऐसे प्रयास से अनगिनत परिवारों के जीवन में रोशनी आएगी।
एक नई सुबह की ओर
यह प्रोजेक्ट न केवल इलाज उपलब्ध कराएगा, बल्कि उन परिवारों के लिए भी उम्मीद की किरण बनेगा जो अपने बच्चों की धड़कनें सुरक्षित रखने के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे थे। अब सलोनी हार्ट सेंटर के जरिए कई नन्हें दिल फिर से खिलखिलाकर धड़केंगे और अपने सपनों को जी पाएंगे।
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