संसद में गरजे अमित शाह: लोकतंत्र में संसद वह जगह है जहाँ देश की नीतियों, योजनाओं और जनता के मुद्दों पर गंभीर चर्चा होती है। लेकिन कई बार यह बहस राजनीतिक कटाक्ष और आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रह जाती है। आज संसद में भी कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष, विशेषकर काँग्रेस पर जमकर हमला बोला।
“मुझ पर लगाए गए केस को अदालत ने राजनीतिक साज़िश बताया”
अमित शाह ने सदन में अपने जीवन का एक बड़ा अनुभव साझा करते हुए कहा कि काँग्रेस ने उन्हें झूठे और फर्जी केस में फँसाकर जेल भेजा था। लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्होंने गिरफ्तारी से पहले ही इस्तीफा दे दिया था और ज़मानत पर बाहर आने के बाद भी तब तक कोई संवैधानिक पद नहीं संभाला, जब तक अदालत ने उन्हें निर्दोष साबित नहीं कर दिया। अदालत ने उनके खिलाफ केस को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह पूरी तरह political vendetta यानी राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित था।
“भाजपा ने हमेशा अपनाई नैतिकता, काँग्रेस ने बढ़ाई अनैतिक परंपरा”
अपने संबोधन में अमित शाह ने याद दिलाया कि भाजपा और एनडीए हमेशा से नैतिक मूल्यों को सर्वोपरि मानते आए हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि लाल कृष्ण आडवाणी जी ने तो सिर्फ आरोप लगने पर ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके उलट, काँग्रेस ने वही परंपरा आगे बढ़ाई जिसे इंदिरा गांधी जी ने शुरू किया था – यानी सत्ता बचाने और भ्रष्टाचारियों को ढाल देने की।
“लालू यादव को बचाने वाला अध्यादेश और राहुल गांधी का पाखंड”
अमित शाह ने काँग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वही काँग्रेस पार्टी एक समय लालू प्रसाद यादव को बचाने के लिए अध्यादेश लेकर आई थी। मज़े की बात यह है कि उस समय राहुल गांधी ने उस अध्यादेश को फाड़कर विरोध किया था। लेकिन आज वही राहुल गांधी पटना के गांधी मैदान में लालू यादव को गले लगाते नज़र आ रहे हैं। शाह ने कहा कि विपक्ष का यह दोहरा चरित्र अब किसी से छुपा नहीं है और जनता सब कुछ भली-भाँति समझ चुकी है।
“जेपीसी में होगी चर्चा, फिर भी विपक्ष ने किया हंगामा”
गृह मंत्री ने आगे कहा कि संसद में पेश किया गया बिल पहले से ही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजा जाना तय था, ताकि वहाँ इस पर गहन चर्चा हो सके। इसके बावजूद काँग्रेस और उसका पूरा गठबंधन INDI मिलकर केवल भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए हंगामा करता रहा और शर्मनाक व्यवहार दिखाता रहा।
“जनता विपक्ष की सच्चाई जान चुकी है”
अमित शाह ने अपने भाषण का समापन करते हुए कहा कि आज पूरा विपक्ष जनता के सामने पूरी तरह expose हो चुका है। विपक्ष का असली चेहरा अब लोगों को साफ दिख रहा है और जनता उन्हें उनके दोहरे चरित्र के लिए कभी माफ़ नहीं करेगी।
अमित शाह का आज का संबोधन न केवल काँग्रेस और विपक्ष की आलोचना था, बल्कि यह भी दिखाता है कि भाजपा खुद को नैतिकता और पारदर्शिता की राजनीति से जोड़कर प्रस्तुत करती है। वहीं दूसरी ओर विपक्ष पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या वह केवल सत्ता पाने के लिए भ्रष्टाचारियों के साथ खड़ा है।
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