Breaking Ambedkar Nagar: डीएम अनुपम शुक्ला ने स्वास्थ्य विभाग की खामियों पर दिखाई सख्ती, कई अधिकारियों का वेतन रोका

Published On: September 12, 2025
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Breaking Ambedkar Nagar: अंबेडकर नगर के लोगों के लिए 11 सितंबर 2025 का दिन बेहद अहम साबित हुआ। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसखारी में एक ऐसी बैठक हुई जिसने स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत को सामने रख दिया। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ स्वास्थ्य विभाग की गहन समीक्षा की। इस दौरान उनके साथ मुख्य विकास अधिकारी श्री आनंद कुमार शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार शैवाल और उप जिलाधिकारी टांडा भी मौजूद रहे।

बैठक का माहौल बेहद संजीदा था। डॉक्टरों से लेकर आशा कार्यकर्ताओं तक सभी मौजूद थे। जब सीएचओ और एएनएम ने बताया कि डीपीएमएनडी सत्रों के लिए जरूरी उपकरण समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, तो जिलाधिकारी ने सख्ती दिखाते हुए अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (भंडार) डॉ. ममता सिन्हा और स्टोर कीपर हरसिंगार का वेतन रोकने का आदेश जारी कर दिया। उनका साफ कहना था कि किसी भी सत्र में कोई रुकावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी आवश्यक सामग्री समय पर पहुंचनी चाहिए।

इसी समीक्षा में यह भी सामने आया कि एक नवजात लाभार्थी को अब तक भुगतान नहीं मिल पाया है। इस लापरवाही पर जिलाधिकारी ने ब्लॉक अकाउंट मैनेजर शीतला प्रसाद का वेतन रोकने का निर्देश दिया।

टीबी मरीजों के लिए विशेष निर्देश

जिलाधिकारी ने टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए सभी आशा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी से काम करने की नसीहत दी। उन्होंने आदेश दिया कि मरीजों तक समय पर पोषण पोटली जरूर पहुंचाई जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य विकास अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग और ग्राम प्रधान मिलकर तालमेल से इस जिम्मेदारी को निभाएं। आशा कार्यकर्ताओं की कार्यकुशलता को रैंकिंग के आधार पर परखने और कमजोर प्रदर्शन करने वालों को प्रेरित करने पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही नगर पंचायत बसखारी में 26 नई आशाओं की नियुक्ति का प्रस्ताव मिशन निदेशक को भेजने का आदेश दिया गया।

खराब मशीन पर चेतावनी

बैठक के दौरान बायोकेमेस्ट्री लैब की सीबीसी मशीन खराब मिली। इस पर जिलाधिकारी ने सेवा प्रदाता कंपनी को तीन दिनों के भीतर मशीन दुरुस्त करने का कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि समय पर सुधार न होने पर कंपनी पर पेनल्टी लगाई जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि मशीन खराब रहने की स्थिति में मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए नजदीकी एक्स-रे टेक्नोलॉजिस्ट से रिपोर्ट तुरंत उपलब्ध कराई जाए।

जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा ही प्राथमिकता

बैठक के अंत में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने साफ कहा कि सरकार की मंशा जनता को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाएं। किसी भी अस्पताल या उपकेंद्र में दवाओं और उपकरणों की कमी नहीं होनी चाहिए।

जिलाधिकारी का यह सख्त लेकिन संवेदनशील रवैया न सिर्फ स्वास्थ्य विभाग के लिए एक सबक है बल्कि जनता के लिए उम्मीद की किरण भी है। यह संदेश साफ है कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार ही असली प्राथमिकता है।

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Disclaimer: यह लेख ताज़ा घटनाओं पर आधारित है और इसका उद्देश्य केवल जानकारी साझा करना है। इसमें वर्णित निर्णय और आदेश संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लिए गए हैं।

Suryanshu Srivastava

My name is Suryanshu Srivastava. I am from Ambedkar Nagar, Uttar Pradesh. I am writing articles on News, Education and Technology for almost 2 years. Email : 7theliolala07@gmail.com

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