मिशन 2027: लखनऊ में मायावती बोलीं – अब फिर चलेगा ‘हाथी’, बदलेगा उत्तर प्रदेश का सियासी नक्शा

Published On: October 10, 2025
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मिशन 2027: मायावती
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मिशन 2027: लखनऊ की हवा में गुरुवार को कुछ खास था। कांशीराम स्मारक स्थल पर उमड़ी लाखों की भीड़, नीले झंडों की लहर और जोश से भरे नारे — “बहनजी तुम संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं” — ये सब देखकर साफ था कि बसपा फिर से अपने पुराने जोश में लौट आई है।
कांशीराम जी के 19वें परिनिर्वाण दिवस पर मायावती ने न केवल अपने संस्थापक को भावभीनी श्रद्धांजलि दी, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए मिशन की बिगुल भी बजा दी।

“सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय” – फिर लौटेगा 2007 वाला जोश

मायावती ने बेहद सादगी और दृढ़ता के साथ कहा — “हमारा लक्ष्य सिर्फ चुनाव जीतना नहीं, बल्कि हर वर्ग को उसका हक दिलाना है।”
उन्होंने ऐलान किया कि 2027 में बसपा एक बार फिर “सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय” के नारे पर चलकर सबको साथ लेकर सत्ता में वापसी करेगी।
उन्होंने समझाया कि 2007 की तरह अब फिर दलित, पिछड़े, मुसलमान और अपर कास्ट – सभी को साथ लेकर चलने का वक्त आ गया है।

मायावती की आवाज में आत्मविश्वास झलक रहा था — “जो समाज कभी बिखरा हुआ था, अब उसे एकजुट करना है। हमारे विरोधियों ने हमें कमजोर समझा, लेकिन यह भीड़ साबित करती है कि बसपा आज भी लोगों के दिलों में बसती है।”

कांशीराम की विरासत, मायावती की प्रतिबद्धता

कार्यक्रम के दौरान मंच पर जब मायावती ने कांशीराम जी की तस्वीर पर माल्यार्पण किया, तो पूरे मैदान में सन्नाटा छा गया।
उनकी आंखों में एक गहरी चमक थी — जैसे वो अपने गुरु से वादा कर रही हों कि “जिस मिशन को आपने शुरू किया था, उसे मैं पूरा करूँगी।”
उन्होंने कहा, “कांशीराम जी ने सिखाया कि हाशिये पर खड़े लोगों को मुख्यधारा में लाना ही असली राजनीति है। यही हमारी पार्टी का धर्म है।”

विरोधियों पर हमला, लेकिन संयम से

मायावती ने अपने भाषण में सपा, कांग्रेस और भाजपा — तीनों पर निशाना साधा, लेकिन उनके शब्दों में तीखापन से ज्यादा आत्मविश्वास था।
उन्होंने कहा, “सपा और कांग्रेस जनता को छलती आई हैं, और भाजपा जात-पात और पूंजीवाद के जरिए समाज को बांट रही है। बसपा इन सबका जवाब संविधान के रास्ते देगी।”
उनका यह वाक्य तालियों की गड़गड़ाहट में डूब गया —

“हम किसी के इशारे पर नहीं चलते, हमारे इशारे संविधान से आते हैं।”

आकाश आनंद पर भरोसा, युवाओं में नई उम्मीद

इस बार मायावती के चेहरे पर एक नई मुस्कान थी — शायद इसलिए क्योंकि अब उनके साथ हैं युवा चेहरा आकाश आनंद
उन्होंने मंच पर अपने भतीजे की मौजूदगी से सबको संदेश दिया कि बसपा अब युवाओं के भरोसे नया अध्याय लिखेगी।
भीड़ में बैठे युवाओं के चेहरों पर उत्साह साफ दिख रहा था। किसी ने कहा — “अब बसपा में नई ऊर्जा है, आकाश भाई हैं तो उम्मीद है।”

 सर्वसमाज का मंच, एकता का संदेश

मायावती ने मंच पर जिस तरह सर्वसमाज के नेताओं को स्थान दिया, वो दृश्य पहले कभी नहीं देखा गया।
ब्राह्मण, मुस्लिम, दलित, पिछड़े — सभी वर्गों के नेता एक साथ बैठे थे। यह दृश्य “सर्वजन” की भावना को जीवंत कर रहा था।
मायावती ने सभी नेताओं की ओर देखकर कहा, “अब किसी को अलग नहीं छोड़ना है। हर समाज बसपा का है और बसपा हर समाज की है।”

“संविधान की रक्षा और समाज का सम्मान”

मायावती ने जोर देकर कहा कि बसपा का मकसद सिर्फ चुनावी जीत नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की लड़ाई है।
उन्होंने कहा, “हम संविधान, आरक्षण और हर गरीब के अधिकार की रक्षा करेंगे। ये चुनाव सिर्फ राजनीति का नहीं, सम्मान का है।”
उनकी बातों में वो दृढ़ता थी जो 2007 में दिखी थी — जब “हाथी” ने इतिहास रचा था।

कार्यकर्ताओं में जोश, विरोधियों में बेचैनी

कांशीराम स्मारक स्थल पर उमड़ी भीड़ देखकर मायावती खुद भी भावुक हो उठीं।
उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, “जो लोग कहते हैं बसपा खत्म हो गई है, वो आज का नज़ारा देख लें। यह बसपा का पुनर्जागरण है।”
उनके इन शब्दों ने मैदान में मौजूद लाखों कार्यकर्ताओं के दिलों में नई ऊर्जा भर दी।

2027 – बसपा का नया अध्याय

मायावती ने साफ कहा कि अब वक्त है जी-जान लगाकर मैदान में उतरने का। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा —

“2007 की तरह 2027 भी इतिहास बनेगा। अब हमें हार नहीं, इज़्जत चाहिए। सत्ता नहीं, समानता चाहिए।”

इस बात पर भीड़ में गूंज उठा नारा — “जय भीम! जय भारत!”
और वही पल था जब सबको लगा — बसपा सिर्फ पार्टी नहीं, एक आंदोलन है, जो फिर से जाग चुका है।

कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर मायावती का यह भाषण सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था — यह भरोसे, संघर्ष और बदलाव का संदेश था।
उनकी आंखों में चमक थी, आवाज़ में आत्मविश्वास और शब्दों में जुनून — “हाथी” फिर से चल पड़ा है, इस बार कांशीराम के सपनों को सच करने के लिए।

Disclaimer: यह लेख पूरी तरह सार्वजनिक जानकारी और घटनाओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जानकारी और विश्लेषण प्रस्तुत करना है। इसमें व्यक्त विचार किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन या विरोध नहीं करते।

Vipin Kumar

My name is Vipin Kumar. I am from Akbarpur, Ambedkar Nagar, Uttar Pradesh. For almost two years, I have enjoyed writing articles on automobiles, technology, and vacancies. Email: vipinkumar41711@gmail.com

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