PM Fasal Bima Yojana 2025: हमारे देश के किसान सुबह से शाम तक खेतों में मेहनत करते हैं, लेकिन कई बार प्रकृति और हालात उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फेर देते हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी होने के बाद, अब सरकार ने किसानों को एक और बहुत बड़ी राहत दी है। PM Fasal Bima Yojana 2025 के तहत अब जंगली जानवरों के हमले से लेकर भारी बारिश और बाढ़ जैसी परिस्थितियों तक, हर बड़ा नुकसान बीमा के दायरे में शामिल किया जा रहा है। यह बदलाव लंबे समय से किसानों की मांग रही थी, जिसे केंद्र सरकार ने आखिरकार मंजूरी दे दी है।
कृषि मंत्री ने किसानों के दिल को छू लेने वाली बात कही
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा—
“किसान भाइयों-बहनों… आपकी दो बड़ी चिंताएं हमने दूर कर दी हैं। अब अगर जंगली जानवर आपकी फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं या भारी बारिश से खेतों में पानी भर जाता है, तो इसकी पूरी भरपाई सरकार करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का लक्ष्य है कि किसी भी किसान को बिना सुरक्षा के न छोड़ा जाए।”
यह घोषणा उन सभी परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है, जिनकी फसलें हर साल जंगली जानवरों या बारिश से बर्बाद हो जाती थीं।
नए बदलाव कब से लागू होंगे?—PM Fasal Bima Yojana 2025 Update
सरकार के अनुसार यह नया नियम खरीफ 2026 से लागू होगा।
लेकिन यह बदलाव PM Fasal Bima Yojana 2025 के हिस्से के तौर पर घोषित किया गया है ताकि किसान पहले से इसकी तैयारी कर सकें और योजना को और बेहतर तरीके से समझ सकें।
देशभर में हाथी, नीलगाय, बंदर, जंगली सूअर और हिरण जैसी प्रजातियों द्वारा फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया जाता है। अब इन सभी को PMFBY के तहत Localized Risk की पांचवीं कैटेगरी में जोड़ा गया है।
PM Fasal Bima Yojana 2025 में दावा कैसे करें?
सरकार ने प्रक्रिया को सरल और पूरी तरह पारदर्शी बना दिया है:
- किसान को नुकसान होने के 72 घंटे के भीतर PM Fasal Bima ऐप पर जियोटैग फोटो अपलोड करनी होगी।
- राज्य सरकारें अपने क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान करने वाले जंगली जानवरों की सूची तैयार करेंगी।
- संवेदनशील जिलों और बीमा इकाइयों की पहचान भी राज्य करेंगे।
इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य है कि सही किसान को सही समय पर उचित मुआवजा मिले।
धान की फसल के लिए भी खुशखबरी—PM Fasal Bima Yojana 2025 में दोबारा शामिल
2018 में धान की बाढ़ से होने वाला नुकसान योजना से बाहर कर दिया गया था, लेकिन इससे तटीय और बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों के किसान काफी परेशान थे।
अब सरकार ने विशेषज्ञ समिति की सलाह पर इसे PM Fasal Bima Yojana 2025 के अंतर्गत फिर से शामिल कर लिया है।
इससे उन लाखों किसानों को बड़ी राहत मिलेगी जिनकी फसलें हर साल बारिश के चलते डूब जाती थीं।
किन राज्यों को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा?
इस फैसले का सबसे ज्यादा फायदा निम्न राज्यों के किसानों को होगा:
- मध्य प्रदेश
- छत्तीसगढ़
- उत्तर प्रदेश
- बिहार
- झारखंड
- महाराष्ट्र
- ओडिशा
- कर्नाटक
- केरल
- उत्तराखंड
जिन किसान परिवारों की जमीन जंगलों, पहाड़ी इलाकों और वन्यजीव गलियारों के पास है, वे अब पहले से कहीं अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे।
FAQ: PM Fasal Bima Yojana 2025 से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल
प्र.1. PM Fasal Bima Yojana 2025 का नया नियम कब लागू होगा?
नया नियम खरीफ 2026 से लागू होगा, लेकिन इसे PM Fasal Bima Yojana 2025 के अपडेट के रूप में घोषित किया गया है।
प्र.2. किस प्रकार का नुकसान अब बीमा में शामिल होगा?
जंगली जानवरों के हमले, भारी बारिश, बाढ़ और जलभराव से फसल को होने वाला नुकसान पूरी तरह कवर होगा।
प्र.3. दावा करने की प्रक्रिया क्या है?
नुकसान के 72 घंटे के भीतर PMFBY ऐप पर जियोटैग फोटो अपलोड करनी होगी।
प्र.4. क्या धान की बाढ़ से होने वाला नुकसान भी कवर है?
हाँ, अब धान की बाढ़ से होने वाला नुकसान भी फिर से बीमा कवर के दायरे में आ गया है।
प्र.5. किसे सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा?
जंगल और पहाड़ी इलाकों के पास बसे किसानों को सबसे अधिक फायदा मिलेगा।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी प्रदान करने के उद्देश से लिखा गया है। PM Fasal Bima Yojana 2025 से संबंधित नियम, पात्रता और प्रक्रिया समय-समय पर बदली जा सकती है। किसी भी आधिकारिक जानकारी के लिए सरकार की आधिकारिक वेबसाइट या नोटिफिकेशन देखें।









