Warning! Cyber Crime Alert: अंबेडकर नगर जिले में साइबर ठगों का आतंक दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। आम जनता, जो पहले से ही महंगाई की मार झेल रही है, किसी तरह अपने खाते में कुछ पैसे बचा पाती है। लेकिन ये मेहनत की कमाई अब ठगों के निशाने पर है। मोबाइल या लैपटॉप जैसे ही ऑनलाइन लेन-देन के लिए खुलते हैं, साइबर अपराधी ऐसे टूट पड़ते हैं मानो गुड़ के डिब्बे पर मक्खियाँ।
बजदहिया पाई पुर का ताज़ा मामला
बसखारी ब्लॉक के बजदहिया पाई पुर गांव के रजनीश सिंह का खाता साइबर अपराधियों के लिए ‘खुला एटीएम’ बन गया। पहले तो 31 हज़ार रुपए साफ कर लिए गए और फिर ठगों ने 56 हज़ार पर भी हाथ डालने की कोशिश की। गनीमत रही कि पीड़ित समय रहते बैंक पहुँचे, वरना खाता पूरी तरह खाली हो जाता।
Akbarpur में लाखों की ठगी
सिर्फ एक ही गांव नहीं, बल्कि अकबरपुर में भी साइबर अपराधियों ने अपने पंजे गाड़ रखे हैं। यहां लोगों से एक लाख से लेकर ग्यारह लाख रुपए तक उड़ाने की घटनाएँ सामने आई हैं। यह हालात बताते हैं कि साइबर ठगों के हौसले कितने बुलंद हैं और प्रशासन की पकड़ कितनी कमजोर।
प्रशासन की खामोशी और जनता की पीड़ा
जिले में साइबर क्राइम सेल, एलायू विभाग, गोपनीय विभाग और थाना पुलिस सब मौजूद हैं, लेकिन इनकी भूमिका महज़ दर्शक की बनी हुई है। ठगी की शिकायत आने के बाद भी प्रक्रिया इतनी सुस्त है कि ठगों का पैसा तो उड़ जाता है, मगर पीड़ित को सिर्फ “देख रहे हैं” का भरोसा मिलता है। रिपोर्ट दर्ज होती है, फाइलें बनती हैं और फिर सब धूल फांकने लगती हैं।
जनता का सवाल – आखिर कब मिलेगी राहत?
पीड़ित लोग अब सीधे प्रशासन से सवाल कर रहे हैं – “मालिक! जब साइबर ठग दिन-ब-दिन मालामाल हो रहे हैं, जनता कंगाल हो रही है, तो प्रशासन मौन साधे क्यों बैठा है?” जिले के लोग जिलाधिकारी और साइबर सेल से अपील कर रहे हैं कि इस गिरोह पर तुरंत कार्रवाई हो, ताकि निर्दोष लोगों की गाढ़ी कमाई सुरक्षित रह सके।
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